
आज 1 नवंबर 2026 है, रविवार। कैलेंडर का पन्ना पलटते ही त्योहारों का मौसम अपने चरम पर पहुँच गया है, क्योंकि दिवाली इसी हफ़्ते है। साथ ही आज से कुछ वित्तीय और प्रशासनिक बदलाव भी लागू हो रहे हैं। इस लेख में हम महीने का पूरा खाका देखेंगे: क्या बदला, कौन-सा त्योहार कब है और किन तारीख़ों को डायरी में लिख लेना चाहिए। जानकारी 1 नवंबर 2026 तक की रिपोर्टों पर आधारित है।
सबसे पहले, पैसों से जुड़े बदलाव
हर महीने की पहली तारीख़ घर के बजट के लिहाज़ से मायने रखती है। आइए देखें इस बार क्या बदला।
जीएसटी में राहत
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक 26 अक्टूबर की सरकारी अधिसूचना के अनुसार 1 नवंबर से जीएसटी के संशोधित प्रावधान लागू हो रहे हैं। इनमें बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट के नियम सरल किए गए हैं और उलटे शुल्क ढाँचे वाले कारोबारों को अस्थायी रिफ़ंड जल्दी मिलेगा। उलटे शुल्क ढाँचे का मतलब है कि कच्चे माल पर चुकाया टैक्स तैयार माल पर वसूले टैक्स से ज़्यादा हो। ऐसे में कारोबारियों की पूँजी अटक जाती है। इस बदलाव से छोटे और मझोले उद्योगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आम उपभोक्ता को इसका सीधा असर शायद न दिखे।
आयकर रिटर्न की तारीख़
यहाँ सावधानी की ज़रूरत है। उसी रिपोर्ट के अनुसार मूल्यांकन वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिट वाले चुनिंदा करदाताओं की रिटर्न भरने की अंतिम तारीख़ 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। पर यह राहत सभी के लिए नहीं है। रिपोर्ट ने भी साफ़ कहा है कि वेतनभोगी और ऑडिट-बाहर के करदाताओं को यह नहीं मान लेना चाहिए कि उनकी तारीख़ भी बढ़ गई है। अपनी श्रेणी की अंतिम तारीख़ आयकर पोर्टल पर देखकर ही आगे बढ़ें।
पेंशनधारकों के लिए जीवन प्रमाण पत्र
सरकारी पेंशनभोगियों के लिए नवंबर ख़ास महीना है। उसी रिपोर्ट के मुताबिक 80 साल से कम उम्र के पेंशनभोगी 1 नवंबर से अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) जमा कर सकते हैं और यह खिड़की आम तौर पर 30 नवंबर तक खुली रहती है। 80 साल या उससे ज़्यादा उम्र वालों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से चालू है। समय पर प्रमाण पत्र न देने पर पेंशन अस्थायी रूप से रुक सकती है। घर के बुज़ुर्गों को इस बारे में याद दिलाते रहें।
बैंकिंग शुल्क
डेली जागरण ने बताया कि इस महीने पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड पर कुछ लेन-देन के लिए संशोधित शुल्क लागू होंगे। संडे गार्जियन की सूची में यह भी दर्ज है कि इंडसइंड बैंक में अपर्याप्त शेष के कारण फ़ेल हुए कुछ एटीएम और पीओएस लेन-देन पर ₹25 शुल्क लगेगा और पीएनबी कार्ड पर बिजली-पानी जैसे भुगतान और रिवॉर्ड पॉइंट भुनाने पर बदले शुल्क लगेंगे। अगर आपके पास इन बैंकों के कार्ड हैं तो अपने बैंक की ताज़ा शुल्क सूची एक बार देख लें।
एलपीजी की क़ीमतें: क्या हुआ?
हर महीने की पहली तारीख़ को तेल कंपनियाँ गैस के दाम की समीक्षा करती हैं। पर यहाँ तस्वीर साफ़ नहीं है। आईबीटाइम्स की रिपोर्ट में लिखा था कि 29 अक्टूबर तक एलपीजी की क़ीमतों में 1 नवंबर से बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। घरेलू सिलेंडर के बारे में गुडरिटर्न्स का कहना है कि घरेलू एलपीजी की आख़िरी समीक्षा 7 जून 2026 को हुई थी और तब से दाम स्थिर हैं। कमर्शियल सिलेंडर पर डेली जागरण के अनुसार कच्चे तेल के दाम इज़राइल-ईरान तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते में रुकावट की आशंका के बीच 117 डॉलर प्रति बैरल के क़रीब हैं, इसलिए संशोधन संभव था।
मैं यहाँ कोई आँकड़ा नहीं दे रहा, क्योंकि इस लेख को लिखते समय मुझे 1 नवंबर 2026 के कमर्शियल दाम की पक्की पुष्टि नहीं मिली। इंडियन ऑयल, एचपी या भारत गैस की वेबसाइट पर ताज़ा दर देख लें।
एलपीजी के बाक़ी नियम पहले जैसे ही हैं। गुडरिटर्न्स के मुताबिक आधार बायोमेट्रिक सत्यापन का नियम नवंबर में भी जारी रहेगा और रिफ़िल बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल भी बना रहेगा।
कर्नाटक में दूध महँगा
उत्तर भारत के पाठकों के लिए यह सीधे काम की ख़बर न हो, पर आईबीटाइम्स की सुर्ख़ी के अनुसार कर्नाटक में नंदिनी दूध 1 नवंबर से ₹54 प्रति लीटर का हो गया। दिवाली के मौसम में मिठाइयों के दाम पर इसका असर पड़ सकता है।
दिवाली का पाँच दिन का सिलसिला
अब त्योहारों की बात। दैनिक जागरण के कैलेंडर के अनुसार नवंबर की शुरुआत अहोई अष्टमी और कालाष्टमी से 1 नवंबर को हो रही है, और पहले हफ़्ते में गोवत्स द्वादशी, रमा एकादशी, धनतेरस और दिवाली के आयोजन होंगे।
महीने की मुख्य तारीख़ें ये हैं:
- 5 नवंबर (गुरुवार): रमा एकादशी। यह कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी है और भगवान विष्णु को समर्पित है।
- 6 नवंबर (शुक्रवार): धनतेरस और प्रदोष व्रत। धनतेरस कई परंपराओं में दिवाली के मुख्य क्रम की शुरुआत मानी जाती है।
- 8 नवंबर (रविवार): दिवाली और लक्ष्मी पूजा। जागरण के कैलेंडर में इसी दिन नरक चतुर्दशी भी दर्ज है।
- 9-10 नवंबर: गोवर्धन पूजा। जागरण की सूची में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को और भैया दूज 11 नवंबर को दर्ज है, जबकि कुछ दूसरे कैलेंडर इन्हें एक दिन पहले बताते हैं। पंचांग और स्थानीय तिथि के हिसाब से अपने शहर की तारीख़ पुजारी या पंचांग से मिला लें।
दिवाली रविवार को पड़ने से इस बार कई लोगों के लिए लंबा वीकेंड बन जाएगा, यह मेरा अपना अनुमान है और छुट्टियाँ दफ़्तर के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
सोना-चाँदी की ख़रीदारी
धनतेरस पर सोना ख़रीदने की परंपरा है। आईबीटाइम्स की सुर्ख़ी के मुताबिक धनतेरस से पहले सोना ₹1.42 लाख के नीचे और चाँदी ₹1.86 लाख प्रति किलो तक फिसली है। पर यह सिर्फ़ एक दिन का स्नैपशॉट है और भाव रोज़ बदलते हैं। निवेश की नीयत से ख़रीदना हो तो किसी जानकार से सलाह लें। यह लेख कोई सलाह नहीं देता।
पटाखे और प्रदूषण
इसी बीच आईबीटाइम्स ने एक सुर्ख़ी साझा की कि सुप्रीम कोर्ट ने विराट कोहली से कहा है कि वे बिना पटाखों की दिवाली को बढ़ावा दें। इससे साफ़ है कि हर साल की तरह इस बार भी दिवाली पर हवा की गुणवत्ता चर्चा में रहेगी। अपने शहर के स्थानीय नियम (कहीं हरे पटाखे, कहीं समय की पाबंदी) पहले से जान लें। दमे के मरीज़ों और बुज़ुर्गों के लिए इस दौरान घर के भीतर रहना बेहतर है।
छठ पूजा: चार दिन का महापर्व
दिवाली के कुछ दिन बाद उत्तर भारत में आस्था का एक और बड़ा पर्व आता है। ईज़ीदर्शन के अनुसार छठ पूजा शुक्रवार 13 नवंबर से सोमवार 16 नवंबर तक चलेगी और यह सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। जागरण के कैलेंडर में छठ का मुख्य दिन 15 नवंबर बताया गया है। पहला दिन नहाय-खाय का होता है और आख़िरी दिन उदयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
यह त्योहार बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। नदी-घाटों की सफ़ाई और सुरक्षा के इंतज़ाम इन्हीं दिनों में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहते हैं। अगर आप इन इलाक़ों से हैं तो घर आने के लिए ट्रेन टिकट की बुकिंग पहले ही कर लें, क्योंकि इस मौसम में भीड़ बहुत रहती है।
देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह
चार महीने की चातुर्मास अवधि के बाद भगवान विष्णु के जागने का दिन। ईज़ीदर्शन ने इसे समझाया है कि देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं, चार महीने की निद्रा के बाद भगवान विष्णु के जागने का प्रतीक है। तारीख़ को लेकर दो मत हैं। उसी स्रोत के अनुसार स्मार्त परंपरा में यह 20 नवंबर को और वैष्णव परंपरा में 21 नवंबर को है। जागरण की सूची में तुलसी विवाह 21 नवंबर को है। इसी के साथ विवाह के शुभ मुहूर्त फिर शुरू माने जाते हैं।
24 नवंबर: एक दिन, तीन मौक़े
नवंबर की सबसे ख़ास तारीख़ों में से एक 24 नवंबर है। जागरण के अनुसार मंगलवार 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा, देव दिवाली और गुरु नानक जयंती तीनों पड़ रही हैं। वाराणसी में देव दीपावली का मेला पूरे घाटों को दीयों से सजा देता है। विकिपीडिया के अनुसार यह पाँच दिन का उत्सव प्रबोधिनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा पर पूरा होता है।
गुरु नानक जयंती की सरकारी छुट्टी की जानकारी एक कैलेंडर पोर्टल पर दर्ज है, जिसमें इसे राजपत्रित अवकाश बताया गया है और बैंक देशभर में बंद रहेंगे। यह पोर्टल एक निजी ब्लॉग है, इसलिए छुट्टियों की सूची के लिए रिज़र्व बैंक के कैलेंडर पर भरोसा करना बेहतर होगा।
नवंबर की ज़रूरी तारीख़ों की सूची
एक नज़र में, कैलेंडर में नोट कर लेने लायक:
- 1 नवंबर: पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र की खिड़की खुली, जीएसटी के नए प्रावधान लागू।
- 6 नवंबर: धनतेरस।
- 8 नवंबर: दिवाली।
- 13-16 नवंबर: छठ पूजा (मुख्य दिन 15 नवंबर)।
- 20-21 नवंबर: देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह।
- 21 नवंबर: चुनिंदा करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न की बढ़ी हुई अंतिम तारीख़।
- 24 नवंबर: गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा, देव दिवाली।
- 30 नवंबर: जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की आम अंतिम तारीख़।
इस महीने क्या सावधानी रखें?
- त्योहारी ख़रीदारी में ठगी से बचें। बहुत सस्ते ऑफ़र या अनजान लिंक पर भुगतान न करें।
- सोना सिर्फ़ भरोसेमंद दुकान से लें और हॉलमार्क ज़रूर देखें।
- यात्रा की योजना पहले से बना लें। दिवाली और छठ के दौरान ट्रेन और बसों में भारी भीड़ रहती है।
- दीयों और बिजली की सजावट में सावधानी रखें। आग लगने की घटनाएँ इसी मौसम में बढ़ जाती हैं।
- घर के बुज़ुर्गों का जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा करवाएँ।
- मिठाई में मिलावट से बचें। भरोसेमंद दुकान से ही लें।
निष्कर्ष
नवंबर 2026 सचमुच त्योहारों का महीना है। धनतेरस से देव दीपावली तक पूरे तीन हफ़्ते घरों में रौनक रहेगी। इसी के साथ कर, पेंशन और बैंकिंग से जुड़ी कुछ तारीख़ें भी हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है। एक तरफ़ दीये जलाने हैं, दूसरी तरफ़ काग़ज़ी काम निपटाने हैं। थोड़ी-सी योजना से दोनों आराम से हो जाएँगे।
आप सभी को नवंबर की शुभकामनाएँ। यह महीना आपके घर में रोशनी, सेहत और ख़ुशहाली लेकर आए।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। वित्तीय और कर संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोत या विशेषज्ञ से पुष्टि करें। तिथियाँ पंचांग और क्षेत्र के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती हैं।